US Tariff War: अमेरिका के टैरिफ़ पर शिवराज सिंह चौहान का दो टूक बयान – “झुकना नहीं है, किसान हित सर्वोपरि”
अमेरिका और भारत के बीच बढ़ते व्यापारिक तनाव के बीच केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को साफ कहा कि किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि यह समय परीक्षा का है, लेकिन भारत डिगेगा नहीं, झुकेगा नहीं।
US Tariff War: किसानों को दिया भरोसा
किसानों को संबोधित करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा,
“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 अगस्त को साफ कहा था कि चाहे व्यक्तिगत रूप से कितना भी बड़ा नुकसान हो जाए, लेकिन किसान हितों के साथ कोई समझौता नहीं होगा।”
उन्होंने आगे कहा कि भारत के पास नए बाज़ार खोजने की क्षमता है और अगर अमेरिका जैसे बड़े आयातक देश से व्यापार में मुश्किल आती है, तो भी भारत खुद अपने उत्पाद खपा सकता है।
US Tariff War: जनसंख्या को ताक़त बताया
कृषि मंत्री ने यूरोप और अमेरिका की आबादी का उदाहरण देते हुए कहा,
“यूरोप की आबादी 50 करोड़ है, अमेरिका की 30 करोड़, और हमारी 144 करोड़। यह जनसंख्या हमारी कमज़ोरी नहीं, बल्कि हमारी सबसे बड़ी ताक़त है।”
उनका कहना था कि भारत के भीतर ही इतना बड़ा बाज़ार मौजूद है कि देश अपने कृषि उत्पाद खुद खपा सकता है और बाहर के बाज़ारों पर पूरी तरह निर्भर नहीं है।
अमेरिका का 50% टैरिफ़ निर्णय
अमेरिका ने भारतीय सामानों के आयात पर 50% टैरिफ़ लगाने का ऐलान किया है, जो 27 अगस्त से लागू होगा। यह अतिरिक्त 25% टैरिफ़ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकारी आदेश के तहत लागू किया जा रहा है।
ट्रंप ने इसके पीछे दलील दी है कि भारत रूस से तेल खरीदकर यूक्रेन युद्ध को बढ़ावा दे रहा है, जबकि भारत ने इस आरोप को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि कई यूरोपीय देश और अमेरिका खुद भी रूस से व्यापार कर रहे हैं।
http://अमेरिका-भारत व्यापार विवाद और टैरिफ़ नीति पर विस्तृत जानकारी (WTO Official Page)
US Tariff War: टैरिफ़ क्या है और कैसे काम करता है?
टैरिफ़ एक प्रकार का टैक्स होता है, जो विदेशों से आयात किए गए सामान पर लगाया जाता है। यह आमतौर पर सामान की कीमत का एक निश्चित प्रतिशत होता है।
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उदाहरण: अगर किसी प्रोडक्ट की कीमत ₹100 है और उस पर 10% टैरिफ़ लगाया जाता है, तो उसकी कीमत ₹110 हो जाएगी।
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टैरिफ़ का सीधा असर आयात करने वाली कंपनियों पर पड़ता है, लेकिन अक्सर यह बोझ ग्राहकों पर बढ़ी हुई कीमतों के रूप में डाल दिया जाता है।
अमेरिका में अगर कोई कंपनी भारत से $50,000 की कार आयात करती है और उस पर 25% टैरिफ़ लगता है, तो उसे प्रति कार $12,500 अतिरिक्त टैक्स देना होगा।
US Tariff War: भारत की रणनीति
शिवराज सिंह चौहान का कहना है कि इस चुनौतीपूर्ण समय में भारत नए निर्यात बाज़ार खोजेगा और देश के भीतर स्थानीय खपत को बढ़ाएगा। उनका मानना है कि भारत के किसान इस मुश्किल को भी अवसर में बदल सकते हैं।
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